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Showing posts from December, 2021

अगर कोई मुसलमान बुत परस्ती करे तो शरीअत का क्या हुक्म है❓

  * فقيــــر محمــــد امتيــــــــاز قمــــر رضـــوى امجــدى * *सवाल*क्या फरमाते हैं मुफ्तियान ए किराम इस मसअले के बारे में की ज़ैद जो कि खुद को मुसलमान कहलाता है उसके बावजूद एलानिया तौर पर बुत परस्ती करता है, ज़ैद ने अपने खर्च पर एक मस्जिद में हाफिज़ भी रखा है जो बच्चों को इब्तिदाई दीनी किताबें पढ़ाने का काम अंजाम देते हैं, हाफिज़ साहब का खाना भी ज़ैद के घर से आता है, दरियाफ्त तलब अमर यह है कि ज़ैद के बारे में हुक्मे शरअ क्या है ? नीज़ हाफिज़ साहब का ज़ैद से उजरत लेना और उनके घर का खाना खाना कैसा है❓* *साईल, आरिफ हुसैन रज़वी बदायूं शरीफ (यूपी)* *जवाब,, सुरते मसउला में शख्स मज़कूर बुत परस्ती यानी बूतों की पूजा करने की वजह से मुर्तद है, उसका तलबा ए दजवाब-ो पढ़ाने के लिए हाफिज़ साहब को तनख्वाह देना और खाना खिलाना नफा बख्श नहीं, क्योंकि इस्लाम व कुफ्र में वास्ता नहीं, एक शख्स या तो मुसलमान होगा या काफिर,* *अल्लाह एक है उसका कोई शरीक नहीं कुरान शरीफ में है लाशरीका लहू (لا شریک لہ)* (सुरह दहर इनआम:१६३) *💫 इबादत सिर्फ उसी की है, बूतों को पूजना नस्से क़तई के खिलाफ है, सुर ए फातिहा में है...

एक जानवर दूसरे जानवर का गोश्त क्यों खाता है❓

  * فقيــــر محمــــد امتيــــــــاز قمــــر رضـــوى امجــدى * सवाल, क्या फरमाते हैं उलमा ए किराम व मुफ्तियाने एज़ाम इस सवाल के बारे में कि जानवर जानवर का गोश्त क्यों खाता है❓* * साईल,रफीउद्दीन सिम्नानी (संत कबीर नगर) * * जवाब,, यह निज़ाम क़ुदरत के तेहत है कि एक जानवर दूसरे जानवर का गोश्त खाता है, * * अल्लाह पाक खालिक़ व मालिक है और तमाम मखलूक़ को अपनी मशीयत के तेहत खुराक भी अता फरमाता है नीज़ हर एक चीज़ को अपने अंदाज़ा से पैदा फरमाई है, * * ✨ इरशाद ए इलाही है ⤵️ * * 📖 اناکل شی ٕ بقدر * * तर्जुमा कंज़ुल इमान 👉🏻 बेशक हम ने हर चीज़ एक अंदाज़ा से पैदा फरमाई * (अल क़मर,४९) * नीज़ मज़कूरा बाला आयते करीमा के तेहत साहबे सिरातुल जिनान ने "मुदारक सफा ११९०" (مدارک ،ص، ١١٩٠) के हवाले से यूं वज़ाहत फरमाई, की बेशक हम ने हर चीज़ हिकमत के तक़ाज़े के मुताबिक़ एक अंदाज़े से पैदा फरमाई है, * (तफसीरे सिरातुल जिनान जिल्द ९ सफा ६१६) * नीज़ जिल्द १० सफा ६२७ पर है ⤵️* * 📖 الَّذِیْ خَلَقَ فَسَوّٰى * * तर्जुमा कंज़ुल ईमान जिसने बना कर ठीक किया, यानी अपने उस रब की बाकी बयान करो जिसन...